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Robotic Applications in the Orthopaedics Field

Hunjan Hospital is dedicated to innovation and staying up to date with the latest advances in medical equipment and healthcare technology. 

The worldwide medical robots industry was estimated to be worth $7.24 billion in 2015 and is projected to reach $20 billion by 2023, according to research by Credence Research.

These robots are being created to perform various tasks in a medical environment. These include robots that aid with industrial processes, therapy, surgery, and even the development of medical equipment that provides perfect outcomes.

Robots are the way of the future for MedTech and health in the current situation when sterility and safety in the preparation and delivery of medical supplies and equipment are of utmost importance.

Hunjan Hospital is pleased to be one of the few businesses in India using robots to supply state-of-the-art medical technology in order to address these issues with healthcare. Here are a few ways that an expert Ortho doctor In Punjab of Hunjan Hospital uses robots to produce work of the best calibre.

Femur Finishing with robot

The longest and strongest bone in the body is femur, sometimes known as the thigh bone. Robotics allows orthopaedics to work with incredibly high accuracy. In addition, these robots operate at a 2.5 min/piece pace quicker than humans.

Experts in the domain monitor these robots to ensure they are fulfilling their tasks and following the right procedures. Rework needs are reduced by forty percent as a result of the unparalleled precision in surface finishing. Because they don’t generate any garbage, noise, or air pollution, robots make the perfect workforce. 

Quality Maintained By Robot 

Patients must live with an orthopaedic implant for years, such as a knee replacement device. There should be no room for error when it comes to implants designed to enhance human life.

Instead of batch sampling the items, we use robots to do a 100% implant check to guarantee this. With the use of robot-assisted quality checks and control, we at Hunjan Hospital are able to guarantee 0% quality negligence with greater precision of 0.2 microns and a 30% quicker check than commonly used traditional instruments.

Robots can be divided into two groups: haptic (also known as surgeon-guided) and autonomous. Orthopaedic surgeons have also lately embraced third-generation technologies, known as passive surgical systems.

It has been demonstrated that all three of these techniques result in more constant ligament balance and improve component alignment precision. This allows the employment of robots as dependable and secure quality control tools in the manufacture of orthopaedics.

Influence of Robots 

Staff nurses and doctors of Hunjan Hospital have adapted themselves to the latest method of robotic surgery. This modern technology allows doctors to monitor the number of patients at once. 

Apart from surgery, the introduction of robots has many purposes, which they can serve in hospitals. Such as medicine and reports taken from one place to another. 

Hunjan Hospital is the choicest hospital for robotic surgery and Physiotherapy in Ludhiana.

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Hindi Knee replacement robotic surgery

घुटने के ऑपरेशन से पाए, सालों पुराने घुटनों के दर्द से निज़ात ?

रोबोटिक घुटना सर्जरी क्या हैं ?

 रोबोटिक घुटने की सर्जरी आम तौर पर उसे कहा जाता हैं जो पूरे पैर के सीटी स्कैन पर आधारित होती है, जिससे कि प्रत्येक घुटने के लिए एक अनुकूलित योजना तैयार करने में सहायता मिलती है। रोबोटिक सर्जरी की वजह से घुटने के अधिकांश भाग को बिल्कुल समान बनाए रखने में सहायता भी मिलती हैं।

  • इस सर्जरी या ऑपरेशन की जरूरत हमे तब होती हैं जब हम असहनीय घुटने के दर्द की पीड़ा से जूझ रहे हो और उस से निजात पाना चाहते हो।

घुटनों में दर्द के कारण क्या हैं ?

घुटनो में दर्द के कई कारण हो सकते हैं व कुछ बीमारिया को भी इसके कारण की वजह को माना जाता हैं। जैसे..,

० बर्साइटीस इसमें दर्द इसलिए होता हैं क्युकि अत्यधिक घुटनो का हम इस्तेमाल करते हैं।

० डिस्लोकेशन की समस्या तब होती हैं जब घुटने की हड्डी टूट जाती हैं।

० गाउट के कारण घुटनो में दर्द का होना और ये तब होता है जब हमारे शरीर में यूरिक की मात्रा अधिक इकठी हो जाती हैं।

डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए ?

 > यदि घुटना शरीर का भार न सहन कर पा रहा हो।

> घुटनो में सूजन का दिखाई देना।

> घुटने को पूरी तरह सीधा करने व मोड़ने में दिक्कत का आना इत्यादि।

यदि इनमे से एक भी लक्षण अगर आपमें दिखाई दे तो नज़रअंदाज़ न करें बल्कि तुरंत डॉक्टर के पास जाए। या रोबोटिक घुटना बदलने की सर्जरी जहा होती हो वही बिना समय बर्बाद किए इसका इलाज करवाए।

क्या घुटने की सर्जरी कामयाब हैं ?

 > घुटने की प्रत्यारोपण सर्जरी में रोगग्रस्त जोड़ को कृत्रिम जोड़ से बदल दिया जाता है।

> जिससे मरीज़ अपने कृत्रिम जोड़ की मदद से शारीरिक गतिविधियाँ और अपने कार्य आसानी से कर सकता है।

> तो वही घुटने के प्रत्यारोपण सर्जरी से घुटने के दर्द में राहत मिलती है। बता दे कि घुटने के प्रत्यारोपण सर्जरी की

सफलता की दर लगभग 98% से अधिक रहती है।

> इस सर्जरी को करवाने के बाद आप इसके दर्द से कम से कम 15 से 20 साल तक निजात भी पा सकते हैं।

लक्षण क्या घुटने के दर्द के ?

> घुटने को मोड़ने व सीधा करने में तकलीफ का अनुभव करना।

> घुटने में सूजन का होना।

> पैरो को हिलाते वक़्त हड्डी टकराने की आवाज़ का आना।

> दर्द वाली जगह पर लालिमा का छा जाना।

इलाज क्या है घुटने की सर्जरी का ?

 घुटने की प्रत्यारोपण सर्जरी में रोगग्रस्त जोड़ को कृत्रिम जोड़ से बदल दिया जाता है, जिससे मरीज़ अपने कृत्रिम जोड़ की मदद से शारीरिक गतिविधियाँ और अपने कार्य कर सकता है।

  • घुटने के प्रत्यारोपण सर्जरी से घुटने के दर्द में राहत मिलती है। घुटने की प्रत्यारोपण सर्जरी की सफलता की दर लगभग 98% से अधिक है। हालांकि, सर्जरी के कुछ जोखिम और लाभ भी शामिल हैं।
  • सर्जन द्वारा आपको सर्जरी के बाद के परामर्श के दौरान व्यायाम और फिजियोथेरेपी करने की सलाह दी जाती है।
  • घुटने की सर्जरी से ठीक होने में कुछ महीनों का समय लगता है।
  • इस उपचार में डॉक्टर ग्रस्त एरिया को ही हटाते हैं।

निष्कर्ष :

यदि घुटने के दर्द ने आपको भी परेशान कर रखा है तो बिना समय गवाए बेहतरीन उपकरणों से तैयार हुंजन हॉस्पिटल से अपना ट्रीटमेंट करवाए। क्युकि यहाँ पर इलाज काफी अच्छा किया जाता हैं और मरीज़ो ने भी अपने घुटने के दर्द से राहत पाया हैं यहाँ इलाज करवा कर।

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रोबोटिक सर्जरी की मदद से घुटने के दर्द से आराम पाना हुआ आसान |

 रोबोटिक या रोबोट की सर्जरी क्या हैँ ?

 रोबोटिक सर्जरी से तात्पर्य ऐसी सर्जरी से है, जिसे रोबोट आर्म या मैन्यवल तरीके से किया जाता है। तो वहीं इसकी प्रक्रिया काफी हद तक लेप्रोस्कोपिक सर्जरी की तरह ही होती है, लेकिन इसमें केवल यह अंतर होता है कि इस सर्जरी में कंप्यूटर की सहायता ली जाती है।

  • रोबोटिक घुटने की सर्जरी पूरे पैर के सीटी स्कैन पर आधारित होती है, जिससे कि प्रत्येक घुटने के लिए एक अनुकूलित योजना तैयार करने में सहायता मिलती है।
  • रोबोटिक सर्जरी की वजह से घुटने के अधिकांश भाग को बिल्कुल समान बनाए रखने में सहायता मिलती हैं। तो दूसरी और बहुत कम समय में डॉक्टरों के द्वारा रोबोटिक पेटेलोफेमोरल ज्वाइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी को मुकम्ल किया जाता हैं।

जरूरत क्यों पड़ती है घुटने के सर्जरी की ?

  ० घुटना बदलने वाली सर्जरी की जरूरत उन लोगों को पड़ती है, जिन्हें गंभीर गठिया या घुटने की गंभीर चोट है।

० इस प्रक्रिया को आर्थ्रोप्लास्टी या टोटल नी रिप्लेसमेंट भी कहा जाता है। यह गठिया या चोट से डैमेज हुए घुटने को

बदलकर सही करने में मेडिकल की सहायक सर्जरी में से एक है।

० तो वही अत्यधिक घुटने के दर्द से राहत पाने के लिए भी इस सर्जरी की आवश्यकता हमे पड़ सकती हैं।

घुटने की सर्जरी करवाने से पहले किन बातों का रखें ध्यान :

  > यदि आपके घुटने में स्थिर दर्द और लगातार सूजन रहता है, तो यह सर्जरी आपके लिए सहायक होगी।

> आप जिनसे भी अपने घुटने की सर्जरी करवाने की सोच रहे है उनके बारे में जानकारी एकत्र करना।

> अच्छे हॉस्पिटल का चुनाव।

> सर्जरी के दौरान 1 से 2 घंटे तक आपको स्थिर इस सर्जरी को करवाना पड़ता हैं।

यदि आप घुटने के दर्द से ज्यादा परेशान है तो रोबोटिक घुटना बदलने की सर्जरी का चुनाव कर सकते हैं।

घुटने के सर्जरी की लागत क्या हैं ?

 इस सर्जरी की लागत इसके उपचार और हॉस्पिटल पर निर्भर करती हैं।

  • तो वही अगर भारत में इस सर्जरी क्र खर्चे की बात करें तो औसत खर्च 1,80,000 से लेकर 4,50,000 रूपये तक हो सकती है जिसमें अस्पताल में भर्ती और पोस्टऑपरेटिव प्रबंधन की राशि भी शामिल होती है।
  • इसके साथ ही आप कम लागत में पीएफओ विधि का इस्तेमाल भी कर सकते है घुटने के दर्द से राहत पाने के लिए।

रोबोटिक घुटने की सर्जरी का उपचार डॉक्टर कैसे करते हैं ?

  सबसे पहले इस ऑपरेशन के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक टीम बनाई जाती हैं। इसके बाद रोबोट की सहायता से सर्जरी की शुरुआत होती हैं।

 घुटनों या अन्य जोड़ों का अगर दर्द होता है तो डॉक्टर्स हल्दी के दूध का सेवन करने को बोलता है। तो वही इस दूध का सेवन रात को सोने से पहले करना होता हैं।

  • इस ऑपरेशन की प्रक्रिया के दौरान, सर्जन हड्डी और रोगग्रस्त हिस्सों को हटा देता है।
  • इसमें डॉक्टर या सर्जन केवल घुटने के प्रभावित हिस्से को ही बदलता।

निष्कर्ष :

यदि आपके घुटनो में अत्यधिक दर्द है जिसकी वजह से आपका चलना मुश्किल हो रहा है। तो आपको रोबोटिक घुटने की सर्जरी के लिए अच्छे सर्जन और हॉस्पिटल का चुनाव करना चाहिए। या फिर आप हुंजन हॉस्पिटल में आकर भी इसका इलाज करवा सकते है। क्युकि यहाँ पर घुटने की सर्जरी से जुड़े जिन भी ट्रीटमेंट का इस्तेमाल किया जाता हैं वो यहाँ पहले से ही मौजूद है। और साथ ही इस सर्जरी को करने का अनुभव भी काफी सालों का है, यहाँ के डॉक्टर्स में।

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