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विभिन्न चीजें जो जोड़ों में अकड़न और दर्द का कारण बनती हैं ?

जैसे जैसे आपकी उम्र बढ़ती है, आपकी उपास्थि- स्पंजी सामग्री जो आपकी हडियो के सिरों की रक्षा करती है- सूखने और लगती है। आपका शरीर भी कम श्लेष द्रव बनाता है, वह पदार्थ जो आपके जोड़ों के सुचारु रूप से चलाने के लिए तेल की तरह काम करता है। परिणाम: आपके जोड़ अब पहले की तरह स्वतंत्र रूप से नहीं चल सकेंगे। आपके जोड़ों को ढीला रखने के लिए श्लेष द्रव को गति की आवश्यकता होती है।  

 

जोड़ वह स्थान है जहां दो हड्डियाँ मिलती है। प्रत्येक हड्डी का सिरा रबर युक्त पदार्थ की एक परत से ढका होता है जिसे उपास्थि कहते है। यह उन्हें आपस में रगड़ने से बचाता है। लेकिन समय के साथ या चोट लगने के बाद उपास्थि घिस सकती है। जब यह खत्म हो जाता है तो हड्डियां एक दूसरे से टकराती है और कभी कभी, छोटे- छोटे टुकड़े टूट जाते है। परिणाम स्वरूप जोड़ कड़ा, सुजा होआ और दर्दनाक हो जाता है। 

कार्ब्स और शुगर से रहें दूर

यह व्यापक रूप से ज्ञात है के चीनी का अधिक सेवन मोटापा, मधुमेह और हृदय रोग का कारण बनता है लेकिन क्या आप जानते है कि यह आपकी मांसपेशियों और जोड़ों के दर्द में भी योगदान दे सकता है। शोध से पता चलता है कि अधिक चीनी वाले खाद्य पदार्थों के सेवन से सूजन हो सकती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि शर्करा युक्त खाद्य पदार्थ इंसुलिन नामक हार्मोन में वृद्धि का कारण बनते हैं जो जैव रासायनिक प्रतिक्रियाओं का एक सिलसिला शुरू करता है जिससे सूजन पैदा होती है। परिष्कृत कार्बोहाइड्रेट से भरपूर आहार गठिया से पीड़ित लोगों में सूजन बढ़ सकता है। परिष्कृत कार्बोहाइड्रेट से भरपूर आहार गठिया से पीड़ित लोगों में सूजन बढ़ सकता है।

प्रोसेस्ड मीट का सेवन

           प्रसंस्कृत मांस में नाइट्राइट और प्यूरीन होते हैं। ये रसायन सूजन बढ़ाते हैं और जोड़ों के दर्द का कारण बनते।   हॉट डॉग, कॉर्न बीफ़, बेकन और सॉसेज जैसे मांस सभी संसाधित होते हैं और इनसे बचना चाहिए। इसके बजाय दुबले, ताजे मांस के टुकड़े लें।

फ्राइड फूड्स और फैट से बनाएं दूरी

तले हुए खाद्य पदार्थों में संतृप्त वसा अधिक और ओमेगा-3 फैटी एसिड कम होता है। यह संयोजन पूरे शरीर में सूजन पैदा करता है और जोड़ों के दर्द को बदतर बना देता है। तले हुए चिकन को त्यागें और इसके बचाय इसे ग्रिल्ड या बैक करके खाने का प्रयास करें। आपको जोड़ों के दर्द से परेशान हुए बिना स्वादिष्ट स्वाद मिलेगा। 

धूम्रपान का सेवन

आपका सिनोबियम, वह ऊतक जो आपके जोड़ों को रेखा बुद्ध करता है, सूजन और गाढ़ा हो सकता है। तम्बाकू के धुएं में मुक्त कणों जैसे बहुत सारे हानिकारक पदार्थ शामिल होते हैं। वे आपके शरीर पर तनाव डालते हैं और सूजन पैदा कर सकते हैं। धूम्रपान करने वालों के शरीर में साइटोकिन्स नामक सूजन संबंधी प्रोटीन का स्तर अधिक होता है  

 डेयरी प्रोडक्ट्स

संतृप्त वसा से भरपूर आहार- जो पनीर और पूर्ण वसा वाले डेयरी उत्पादों में प्रचुर मात्रा में होता है- सूजन को बढ़ा सकता है। डायरी में उच्च स्तर का प्रोटीन कैसिइन होता है। इस प्रकार का प्रोटीन जोड़ों में सूजन और दर्द पैदा करता है, और यहां तक कि जोड़ों के आसपास जलन में भी योगदान दे सकता है। कुछ डेयरी उत्पाद, जैसे मक्खन, में उच्च मात्रा में संतृप्त वसा होती है। यह सूजन और जोड़ों के दर्द में भी योगदान दे सकता है।

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जोड़ों का दर्द: कारण, प्रकार, उपाय, सर्जरी

जोड़ों का दर्द: कारण, प्रकार, उपाय, सर्जरी

जोड़ो का दर्द क्या है ?

जोड़ो के दर्द से निजात पाने के लिए सबसे पहले यह जानना जरूरी हैं कि ये दर्द हैं क्या ?

 मांसपेशियों के कमजोर होने और शरीर में कैल्शियम की कमी होने और हड्डियों के जोड़ों में यूरिक एसिड जमा होने पर सूजन हो जाती है. इससे जोड़ों के टिश्यू नष्ट होने लगते हैं, जिससे जोड़ों में अकड़न और दर्द की शुरुआत हो जाती है.

  • शरीर के वो हिस्से जहाँ दो या दो से अधिक हड्डियां मिलकर हमारे शरीर की गतिविधयों को बनाए रखने में सहायक होती हैं। उसी को हम जॉइंट्स या जोड़ कहते है।
  • तो वही एक इंसान के शरीर में कई जॉइंट्स होते है और जब इन जोड़ में दर्द या बेचैनी होने लगती है, तो उसे ही हम जोड़ों का दर्द या (जॉइंट्स पेन) कहते है। कई बार ये दर्द कुछ ही समय में ठीक हो जाता है। पर कभी-कभी यह दर्द असहनीय हो सकता है।

जोड़ो के दर्द के प्रकार हैं ?

जोड़ो के दर्द के प्रकार को हम निम्न प्रस्तुत करेंगे..,

  • जोड़ो का दर्द मुख्यतः आर्थराइटिस की वजह से होता हैं, और आर्थराइटिस को हम गठिया भी कहते हैं।
  • यानि की गठिया या जोड़ो का दर्द दो तरीके के होते हैं, पहला ऑस्टियोआर्थराइटिस और दूसरा रुमेटीइड एस्थिराइटिस।

जोड़ो के दर्द के कारण क्या हैं ?

जोड़ो के दर्द के कई कारण माने जाते हैं, जिनमे से कुछ कारणों को हम निम्नलिखित में प्रस्तुत कर रहें हैं..,

  • मोच या खिंचाव।
  • ऑस्टिओआर्थरिटिस या गठिया की समस्या जो उम्र के साथ लोगों को काफी प्रभावित करती है।
  • काफी बार पुरानी दुर्घटनाओं में लगी चोट भी समस्या का कारण बन सकती है।
  • कमज़ोर हड्डियां भी कारण होती हैं।
  • जोड़ो में इन्फेक्शन का होना।

जोड़ो के दर्द के कारणों को जानने के बाद यदि आप दर्द से हमेशा के लिए निजात पाना चाहते हैं। तो रोबोटिक घुटना बदलना की सर्जरी या ज्वाइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी का चयन किसी बेहतरीन हॉस्पिटल से करें।

जोड़ो के दर्द से बचने के उपाए क्या हैं ?

जोड़ो के दर्द से बचने के काफी उपाए को हम निम्न में प्रस्तुत कर रहे हैं..,

  • जोड़ों के दर्द से बचने के लिए अपने वजन को नियंत्रित करना अत्यंत आवश्यक है, क्यूंकि जब हमारा वज़न अधिक होता है तब हमारे जोड़ों पर ज़रुरत से ज़्यादा दबाव पड़ता है जिस वजह से जॉइंट्स समय से पहले खराब होने लग जाती है।
  • जोड़ों को स्वस्थ रखने के लिए हमे अपने खान-पान में पौष्टिक आहार को अत्यधिक महत्व देना चाहिए। दूध, विटामिन इ, और ओमेगा-3 युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करना हमारी हड्डियों और जोड़ों के लिए काफी लाभदायक है।
  • खाने का तो हमे खास ध्यान रखना ही हैं पर उसके साथ ही नियमित व्यायाम को भी अपनी जीवन शैली में शामिल करना चाहिए। जिससे की जोड़ो के दर्द से हमें आराम मिल सकें।
  • दर्द से निदान के लिए आप गरम या ठंडी सिकाई का उपयोग भी कर सकते है। क्युकि गरम सिकाई करने से खून संचार बेहतर होता है जबकि ठंडी सिकाई से सूजन और चुभन से हम आराम महसूस करते हैं।

निष्कर्ष :

यदि आपको जोड़ो के दर्द ने काफी परेशान कर रखा हैं तो बिना समय गवाए इसके लिए किस बेहतरीन हॉस्पिटल का चुनाव करें या आप हुंजन हॉस्पिटल का चयन भी कर सकते है। अपने घुटने के दर्द से निजात पाने के लिए। बता दे की यदि आप घुटने का इलाज करवाने इस हॉस्पिटल में आए तो यहाँ के अनुभवी डॉक्टर, डॉ बलवंत सिंह हुंजन से जरूर मुलाकात करें।

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Which are the latest developments available in knee replacement surgery?

Knee replacement technology

Medical science has advanced a lot with time. The availability of different technologies and methods has made it possible for patients to have treatment that provides better outcomes and comes with a cost-effective approach. So, if you have knee pain, then you mustn’t delay and get the supervision of the best Orthopaedic Surgeon In India to improve your well-being. In the present time, the availability of advanced and modern knee replacement treatment is gaining attention, and that’s what the blog is all about.

Latest treatment and methods in knee replacement surgery

If you have knee pain and are looking to get the same address effectively. Then the modern and inventive approach for Knee Replacement in Ludhiana is what you need to choose to improve your knee health in a better state.

Minimally Invasive Surgery

Minimally invasive surgery, or MIS, is one of the latest approaches available for knee replacement. The approach of MIS has made a significant change in the world of healthcare, offering the patient’s desired benefits. The minimally invasive approach uses the method of micro-incisions that provide significant benefits to the patients. Some of the major benefits of MIS are:
Shorter hospital stay
Reduce pain
Quick recovery
Less worry about scarring
Get back to daily life on time
Improved aesthetics
Significant reduction in readmission rate
Makes the overall quality of life better

TKA (Total Knee Arthroplasty)

TKA is another effective approach that works effectively against osteoarthritis. Through TKA, there has been an evident benefit of overall functional improvement and high satisfaction through the surgery. So, it’s right to say that the choice of an advanced approach with the option of computer-assisted technology offers effective results in the end.

Bringing in better results with robotic knee replacement surgery

Who would have thought that knee replacement would be possible with a robotic approach? No doubt it’s not the robot that’s doing the procedure. It’s actually the robotic-assisted device that’s used by the surgeon to perform the surgery with advanced technology offering higher precision. So, when you undergo robotic knee replacement surgery, it offer various benefits like:
High precision
Better results
Advanced technology
Minimal downtime
The robotic knee replacement surgery offers appropriate balance in the soft tissues and ensures there’s the right alignment of the joint to make the overall well-being much better.

Availability of Mako robotic-assisted knee replacement surgery

The choice of mako assisted allows the surgeon to effectively see all the pins and ensure place the same on an effective spot. Additionally, it’s the intraoperative fluoro system that makes the placement accurate through the virtual method offering higher accuracy. The said method is ten times better and more effective as compared to the conventional approach.

Final word!

Knee Replacement treatments have advanced a lot, offering the patients effective and desired benefits.

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बैक्टीरियल जॉइन्ट इन्फ्लेमेशन (BJI) जॉइन्ट्स के दर्द और इंफेक्श से जुड़ी बीमारी क्या है?

आज के समय की बात की जाए तो जोड़ो में दर्द का होना कोई बड़ी बात नहीं है, क्युकि स्वास्थ्य और संतुलित खाने की आज के समय में काफी कमी आ चुकी है जिस वजह से लोगों में ये समस्या देखने को मिल रहीं है। वही आज के लेख में हम बात करेंगे की आखिर क्या है बैक्टीरियल जॉइन्ट इन्फ्लेमेशन और इसके होने पर व्यक्ति को किस तरह की समस्या का सामना करना पड़ सकता है और साथ ही इस तरह की समस्या से कैसे हम खुद का बचाव कर सकते है;

क्या है बैक्टीरियल जॉइन्ट इन्फ्लेमेशन ?

  • यदि आपके जोड़ो में दर्द की समस्या ज्यादा बनी हुई है, तो समझ ले की आप बैक्टीरियल जॉइन्ट इन्फ्लेमेशन की समस्या से जूझ रहे है जिसे शार्ट कट में समझा जाए तो BJI भी कहा जाता है।
  • वही इस दौरान जोड़ों में असहनीय दर्द एवं सूजन की समस्या शुरू हो जाती है, जिससे इंफेक्शन की समस्या की भी शुरूआत होती है। बैक्टीरियल जॉइन्ट इन्फ्लेमेशन (BJI) होने पर मसल्स और बोन दोनों को नुकसान पहुंचता है। इसके अलावा अगर आपके द्वारा बैक्टीरियल जॉइन्ट इन्फ्लेमेशन का इलाज ठीक से ना करवाया जाए, तो जॉइन्ट डिसेबिलिटी या सेप्टिक शॉक का खतरा बढ़ सकता है।

अगर आप भी जोड़ों में दर्द की समस्या से जूझ रहें है, तो इससे बचाव के लिए आपको लुधियाना के बेस्ट ओर्थपेडीक का चयन करना चाहिए।

कारण क्या है बैक्टीरियल जॉइन्ट इन्फ्लेमेशन (BJI) के?

  • स्ट्रेप्टोकोकस के कारण।
  • स्ट्रेप्टोकोकस निमोनिया का कारण।
  • निसेनोरिया गोनोरेहिया का कारण।
  • स्टेप इंफेक्शन का होना भी इसके एक कारण में शामिल है।
  • बोरेलिया बर्गडॉर्फिरी का कारण।

किन लोगों में बैक्टीरियल जॉइन्ट इन्फ्लेमेशन (BJI) का खतरा सबसे अधिक रहता है !

  • जिन्होंने जॉइन्ट सर्जरी करवाई हो।
  • आर्टिफिशियल इम्प्लांट करवाया हो।
  • जिन्हे इम्यून सिस्टम से जुड़ी परेशानी हो।
  • जिन्हे गाउट की समस्या हो।
  • सोरायसिस या एक्जिमा की समस्या।
  • त्वचा का अत्यधिक पतला होना या घाव का लगना।
  • मसूड़ों से जुड़ी समस्या हो जिन्हे।
  • डायबिटीज मेलिटस की समस्या का सामना करने वाले।
  • यूरिनरी इंफेक्शन का सामना कर रहे लोग भी इस समस्या का सामना कर सकते है।

बैक्टीरियल जॉइन्ट इन्फ्लेमेशन के लक्षण क्या है ?

  • बॉडी का टेम्प्रेचर सामान्य से ज्यादा होना।
  • जोड़ों की त्वचा का रात के वक्त गर्म होना।
  • जोड़ों में दर्द का होना।
  • जोड़ों में सूजन की समस्या का होना।
  • भूख न लगना।
  • थकान महसूस करना।
  • वही युवाओं में दर्द की बात की जाए तो उनमे बाजुओं के जॉइन्ट्स में दर्द का होना।
  • पैरों के जोइंट्स में दर्द का होना।
  • घुटने में दर्द का होना।
  • पीठ और गर्दन में दर्द का महसूस होना।

बैक्टीरियल जॉइन्ट इन्फ्लेमेशन का इलाज कैसे किया जाता है ?  

इसके इलाज को अनुभवी डॉक्टरों के द्वारा निम्न तरीके से किया जाता है, जैसे ; 

  • अगर जोड़ों में दर्द की परेशानी आपको शुरुआती तौर पर है, तो ऐसे में डॉक्टर आपको ओरल एंटीबायोटिक मेडिसिन लेने की सलाह देते है।
  • अगर किसी व्यक्ति को बैक्टीरियल जॉइन्ट इन्फ्लेमेशन (BJI) की समस्या ज्यादा है, तो डॉक्टर ऐसे में पेशेंट के नसों में एंटीबायोटिक इंजेक्शन लगाते है। 
  • वहीं अगर आपको ये समस्या पूरानी है, तो आपको सर्जरी का सहारा लेना पड़ सकता है।
  • अगर आप अपने जोड़ो में दर्द की समस्या की वजह से बहुत ज्यादा परेशान है तो इससे बचाव के लिए आपको इसके लक्षण शुरुआती दौर पर दिखाई देने पर ही हुंजन हॉस्पिटल के डॉक्टर का चयन करना चाहिए।

निष्कर्ष :

जोड़ों में दर्द की समस्या को व्यक्ति को नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए, क्युकि अगर हम इसके शुरुआती लक्षण नज़र आने पर इसका इलाज करवाते है तो हमें काफी फ़ायदा देखने को मिलता है और साथ ही हमे सर्जरी का भी सहारा नहीं लेना पड़ता और हम जोड़ों के दर्द की समस्या से खुद का बचाव आसानी से कर पाते है।

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किन गलत आदतों ने घुटने को बदलने पर किया मजबूर ?

गलत खानपान की वजह से हड़िया कमजोर हो जाती है, जिसके कारण घुटने में दर्द व अन्य समस्या निकल कर सामने आती है। इसके इलावा घुटने में दर्द की समस्या की बात करे तो ये पुरुषों की तुलना में महिलाओं को ज्यादा अपना शिकार बना रही है। इसके इलावा बच्चो में भी ये समस्या निकल कर सामने आ रही है, इनमे ये समस्या क्यों आती है, या घुटने के दर्द से निजात पाने के लिए हमे किन बातो का ध्यान रखना चाहिए, इसके बारे में हम निम्न में बात करेंगे ;

घुटने में दर्द की समस्या क्यों उत्पन होती है ?

  • घुटने में दर्द की स्थिति तब उत्पन होती है, जब घुटने में चोट, यांत्रिक समस्या और गठिया हो। चोट के कारण घुटने में अत्यधिक दर्द होता है। जिस कारण कई बार घुटने को बदलवाने की स्थिति भी उत्पन हो जाती है।

  • इसके इलावा गलत खानपान व गलत ढंग से बैठने की वजह से भी इसमें दर्द की स्थिति पैदा हो जाती है।

  • अत्यधिक मोटापा भी नुकसानदायक है।

  • घुटने में दर्द की समस्या घुटने की आर्थराइटिस शारीरिक विकलांगता के प्रमुख कारण में शामिल है

घुटने में दर्द की समस्या किस कमी की वजह से होती है ?

घुटने में दर्द की समस्या से निजात पाने के लिए हमे निम्न बातो का ध्यान रखना चाहिए ;

  • विटामिन डी महत्वपूर्ण स्त्रोत है, हमारे शरीर व घुटनो के लिए इसलिए आपको घुटने में दर्द की समस्या है तो भरपूर धूप व विटामिन डी से भरपूर भोजन का जरूर से सेवन करे।

  • ज्यादा फ़ास्ट फ़ूड खाने से भी हमारे घुटनो में दर्द की समस्या हो जाती है। इसलिए जितना हो सके संतुलित आहार व हरी सब्जियों का खाने में इस्तेमाल करे।

  • यदि आप इन बातो को ध्यान में नहीं रखते तो आपको नी रिप्लेसमेंट सर्जरी को करवाने की जरूरत पड़ती है।

घुटने में दर्द से बचाव के लिए कौन से तरीके है सहायक ?

अनुभवी डॉक्टरों का कहना है कि घुटने में दर्द से निजात पाने के लिए व्यक्ति को खुद से ही सुचारु होना चाहिए। इसके इलावा कौन से तरीके असरदार है इसके बारे में हम निम्न में बात करेंगे ;

  • पैर मोड़ कर नहीं बैठना चाहिए। क्युकि ऐसे पोस्चर में बैठने से घुटने घिसने लगते है, जिस कारण कुछ ही दिनों में घुटने में दर्द की समस्या उत्पन हो जाती है।

  • दूसरा ज्यादा खड़े होकर करने वाले काम को न करे।

  • जितना कम हो सके उतना अपने घुटने से काम ले।

  • भारतीय शौचालयों का बहुत कम ही इस्तेमाल करे।

  • घुटने की एक्सरसाइज करे। और मौसमी फलों व दूध दही को आहार में शामिल करे।

घुटने में दर्द की समस्या की शुरुआत किस उम्र से होती है ?

घुटने में दर्द की समस्या की शुरुआत की बात करे, तो महिलाओं में इसकी शुरुआत 50 की उम्र से शुरू होती है। तो वही पुरुषो में 60 की उम्र से घुटने में दर्द की समस्या उत्पन हो जाती है।

सुझाव :

यदि घुटने के दर्द ने आपका चलना फिरना मुश्किल कर रखा है, तो हुंजन हॉस्पिटल से आपको नी रिप्लेसमेंट की सर्जरी को करवा लेना चाहिए। क्युकि काफी लोगो ने इस सर्जरी का चुनाव करके घुटने के दर्द से निजात पाया है

निष्कर्ष :

घुटने के दर्द से निजात पाने के लिए आपको उपरोक्त बातो का खास ध्यान रखना है और घुटने में दर्द की समस्या होने पर किसी भी तरह के ट्रीटमेंट की शुरुआत खुद से नहीं करनी है।

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गठिया या घुटने में लगे चोट से निजात दिलवाने में कैसे सहायक है घुटना सर्जरी ?

घुटने का दर्द क्या है ?

घुटने का दर्द बढ़ती उम्र के साथ उत्पन होने वाली एक समस्या है। जिसका सामना एक उम्र को क्रॉस करने के बाद सबको करना पड़ता है। घुटने का दर्द क्या है इसके बारे में और बातें हम इस पूर्ण लेखन में करेंगे ;

  • बता दे कि जब घुटने में दर्द होता है तो इसके कारण बर्साइटिस, गाउट, टेंडनाइटीस या आर्थराइटिस जैसी कई गंभीर बीमारी होती है। ऐसी में घरेलू उपायों का भी लोगों पर कोई फायदा नहीं होता। 
  • तो वहीं इस स्थिति में घुटने के दर्द से निजात दिलवाने के लिए डॉक्टर इलाज के रूप में दवाइया, तेल या सर्जरी का उपयोग भी करते हैं।
  • इसके इलावा यदि आपके गठिया में दर्द है तो ये भी आपके जोड़ो के दर्द या घुटने के दर्द की श्रेणी में शामिल होगा। 

घुटने में दर्द के क्या कारण है ?

घुटने में दर्द के निम्नलिखित कारण है जिम्मेदार, जैसे ; 

  • आर्थराइटिस। 
  • बर्साइटिस। 
  • ऑस्टियोआर्थराइटिस। 
  • गाउट। 
  • हड्डियों का कैंसर। 
  • हडियो का कमजोर होना। 
  • पैर मोड़कर लंबे समय तक बैठना। 
  • मोटापा के कारण घुटने पर प्रेशर का पड़ना। 
  • खेल कूद के दौरान घुटने में चोट का लगना। 
  • काम के दौरान घुटने पर अधिक बल पड़ना भी इसके कारण में शामिल है। 

घुटने की सर्जरी करवाने से पहले किन बातों का रखे ध्यान ?

घुटने की सर्जरी करवाने से पहले यदि आप निम्न कुछ बातो को ध्यान में रखे तो आपको इस सर्जरी को करवाने के दौरान किसी भी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा ;

  • डॉक्टरों के द्वारा आपका मेडिकल टेस्ट होगा। 
  • यदि आपको किसी दवा, लेटेक्स, टेप और एनेस्थेटिक चीजों से एलर्जी है तो अपने डॉक्टर को सूचित करें। 
  • अपने डॉक्टर को उन सभी दवाओं और हर्बल सप्लीमेंट्स के बारे में सूचित करें जो आप ले रहे हैं।
  • यदि आप गर्भवती हैं या संदेह है कि आप गर्भवती हैं, तो आपको अपने डॉक्टर को सूचित करना चाहिए।
  • आपको प्रक्रिया से आठ घंटे पहले, आम तौर पर आधी रात के बाद खाने को कुछ नहीं दिया जाएगा।

यदि आप घुटने के दर्द से काफी परेशान है, तो बिना समय गवाए रोबोटिक घुटना बदलना की सर्जरी को अपनाए।

घुटने की सर्जरी कैसे की जाती है ?

घुटने की सर्जरी को डॉक्टरों के द्वारा निम्न तरीके से किया जाता है, जैसे ;

  • सर्जरी से पहले सभी जरूरी कामों को करने के बाद डॉक्टर घुटने के हिसे में एक चीरा लगाते है।
  • डॉक्टर घुटने के जोड़ की क्षतिग्रस्त सतहों को हटाकर उस जगह पर बनावटी अंग लगाते है। ताकि मरीज़ को आराम मिल सके। 
  • आपको बता दे कि घुटने का बनावटी अंग मेटल और प्लास्टिक दोनो से बना होता है। 
  • तो वही चीरे को टांके या सर्जिकल स्टेपल से बंद कर दिया जाता है। फिर तरल पदार्थ को निकालने के लिए चीरा स्थल में एक नली रखी जाती है। इसके बाद हिस्से को पट्टी से बांध दिया जाता।

सुझाव :

 यदि आप घुटने के दर्द से हमेशा के लिए निजात पाना चाहते है तो ज्यादा समय न बर्बाद करते हुए हुंजन हॉस्पिटल से अपनी इस परेशानी का इलाज करवाए। ताकि आपको चलने,फिरने या घूमने में किसी भी तरह की दिक्कत का सामना न करना पड़े। 

निष्कर्ष :

उपरोक्त घुटना सर्जरी की बातों को जानने के बाद यदि आप भी अपने घुटने की सर्जरी करवाने के बारे में सोच रहे है तो ज्यादा समय न बर्बाद करते हुए किसी अच्छे हॉस्पिटल का चुनाव करे ताकि आपकी परेशानी का हल हो सके।

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Is it possible to climb stairs after getting knee replacement surgery?

After undergoing a surgical procedure, several things revolve in the patient’s mind. The same approach happens in the patients planning to get a Knee Replacement in Punjab. It’s like the mind is flooded with questions as to:

  • What is life after knee replacement?
  • How to take proper care after knee replacement surgery?
  • Will it be possible to do the daily chores like normal?

Here, you need the expertise of one of the Best Ortho Doctor in Ludhiana to effectively manage the situation under all possible considerations.

Get back your life on track after knee replacement

After the knee replacement, the three-month time period is crucial to ensure the knee regains its strength. Following the ortho doctor’s suggestions, you have to get physical therapy at least 2 to 3 times per week.

After-care tips for knee replacement surgery

Tip 1: Walk, but as much as you feel comfortable with

Walking after the surgery is beneficial, but don’t put excess pressure on yourself. At the start, walk at least 2 to 3 times per day. Just make sure to use a:

  • Walker
  • Cane

For at least six weeks, you should walk with it. Once your body feels comfortable, you can stop using a cane. But, make sure to take small steps at a time for better results.

Additionally, to climb the stairs, use one foot at a time. You should follow the given approach:

  • Up with good leg
  • Down with operated leg

With time, climb stairs alternating one foot per step and hold onto the railing to add more strength.

Tip 2: Keep the body movement right

You have to be careful about the knee motion as scar tissue formation is crucial. Your knee has to get back the action in a set period; otherwise, it can stiff. So, give utmost importance to straightening and bending the knees. Follow the necessary suggestions given by the doctor.

Tip 3: Pain management is essential

For smooth and pain-free recovery, the doctor will suggest pain medications. So, make sure to take them on time. And never try to self-medicate yourself as it can lead to harmful side effects which halt the recovery period. If the pain does not seem to go down, then consult a medical expert.

Tip 4: Taking care of swelling

After knee replacement, it’s common to have pain. To reduce the same, you should:

  • Apply an ice pack around 3 to 4 times a day for the 1st month & then slowly lower the same.
  • Do not miss out on physical therapy sessions
  • Wear compression stockings as told by the doctor.

If the swelling does not seem to go down, you have to consult the ortho doctor right away.

Tip 5: Exercising after knee replacement

Exercising after knee replacement surgery is essential. Just make sure to take it slow and do at least five sets of 10 in the day. You need to include the following:

  • Ankle pumps
  • Quad sets (pressing the knee down)
  • Gluteal squeezes
  • Bending the knee by sitting in a chair/using the CPM

 

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Ortho doctor guide: Enlist 5 top ways to take care of knees as you age

Taking care of your knees as you age

The knees are one of the central body parts that have to bear a lot of weight. The knees are why you can get up and perform the daily chores perfectly. However, with old age, you need expertise from one of the Best Ortho Doctor in Punjab to have that extra helping hand for your knee or ortho health.

The knees have different parts like ligaments and cartilage to bones & muscles. Chances are higher of getting them damaged due to injury or natural wear & tear. If it’s getting difficult for you to enjoy your daily life or your body motion is limited, visit one of the leading Orthopaedic Hospital in Ludhiana: Hunjan Super Speciality Hospital.

Ortho doctor tips: 5 ways to protect knee joints as you age

Tip 1: Includes anti-inflammatory food in your diet

Inflammation is the most significant factor that damages the joints. You have to make your diet nutritious to prevent knee problems. Most importantly, limit processed food, sugar, and white flour intake. You have to limit your eggs, dairy, and a diet high in meat. Also, do the following:

  • Include several seasonal and fresh fruits & vegetables in your diet plan.
  • Drink 8 to 10 glasses of water every day
  • Include onion, garlic, leeks, and shallots in your diet.
  • Drink pomegranate juice

If the problem does not solve then visit one of the leading Bone Hospital In Ludhiana to seek best possible care.

Tip 2: Healthy supplements are important

The intake of cod liver oil transforms knee health in a better manner. Cartilage needs prevention from rubbing against each other. Otherwise, the chances of knee replacement are higher. Intake of supplements reduces the risk of inflammation. Some of the at-home and readily available healthy supplements for knees are:

  • Turmeric
  • Tart cherry juice
  • Pineapple

Tip 3: Don’t let your weight put pressure on your knees

Being overweight affects knee health. Additionally, when you walk or stand for a long time, the joints get under excess pressure, and over time, the chances of knee damage are higher. Before the situation leads to the knee joint, you have to take care of your overall well-being. Make sure that you lose weight to take down pressure on the knee joint.

Tip 4: Follow an exercise regime to build muscle

We are not saying you have to put excess pressure on yourself. Even if you follow a moderate exercise regime, your bone health improves. If you are unsure which exercise regime to follow in your daily routine, consult the doctor or your gym instructor. Physical therapy is even a practical choice to transform knee health.

Tip 5: Choose the right and comfortable shoes

No matter what age, you have to wear the right shoes. If your shoes pinch you and you don’t feel comfortable walking in them, better get them changed. Additionally, limit the use of high heels as it leads to knee pain over time.

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Which are the major bone and joint problems associated with diabetes?

Can bone and joint problems occur due to diabetes?’ It is one of the common questions asked by patients when they visit the best Orthopaedic Hospital in Ludhiana. Understand that, if you have diabetes you are at increased risk of getting joint and bone problems. At Hunjan Hospital, many diabetic patients have undergone successful and safe Knee Replacement in Ludhiana to live the better life than they always wished for. In this blog, we have mentioned the bone and joint problems which are due to diabetes.

Most common bone and joint problems associated with diabetes

  • Charcot joint

Charcot joint is also known as ‘Neuropathic arthropathy’. The condition occurs when the joint deteriorates due to nerve damage. In most cases, the feet are affected.

Symptoms of Charcot joint

  • Numbness
  • Tingling sensation
  • Swelling, redness, and warm
  • The affected area can get deformed

Treatment of Charcot joint

Early detection is important to slow down the progression. You should not do weight-bearing activities. The doctor will suggest you use orthotic support for the affected joint.

  • Diabetic hand syndrome

Diabetic hand syndrome makes the person’s hand skin thick and waxy. Due to the syndrome, finger movement is limited. Although, its cause is not known. The chances are more in individuals who are diabetes for a long time.

Symptoms of Diabetic Hand Syndrome

  • Not able to press the play together as flat
  • Not able to extend the fingers

Treatment of Diabetic hand syndrome

  • Keep the blood glucose level right
  • Do physical therapy
  • Osteoarthritis

Osteoarthritis is a type of joint disorder that breaks the joint cartilage. Individuals with type 2 diabetes are at increased risk of getting osteoarthritis, and they are overweight also.

Symptoms of osteoarthritis

  • Joint pain
  • Joint stiffness
  • Swelling
  • Joint movement or flexibility reduces

Treatment of osteoarthritis

Some of the best treatment options are:

  • Exercise regularly
  • Maintain a healthy weight
  • Rest the affected joint & take proper care, as suggested by the doctor
  • Get physical therapy
  • Take medications on time

If the situation gets worse, then the doctor will suggest you knee or hip replacement to lessen the pain and improve your knee mobility.

  • Osteoporosis

Due to osteoporosis, the bones get weak that increases the chances of fracture. Individuals with type 1 diabetes are at more risk of getting osteoporosis.

Symptoms of Osteoporosis

Initially, it does not show any symptoms but as the condition gets advanced it leads to:

  • Stooped posture
  • Loss of height
  • Bone fracture

Treatment of Osteoporosis

You need to follow a healthy lifestyle like do regular walking, eat a nutritious meal filled with Vitamin D & calcium. Take the necessary supplements suggested by the doctor.

  • DISH (Diffuse idiopathic skeletal hyperostosis)

DISH is also known as Forestier Disease. In this condition, the ligaments & tendons get hard that primarily affects the spine. The problem can occur with type 2 diabetes, and insulin-like growth or insulin presence which leads to new bone growth.

Symptoms of DISH

  • Stiffness
  • Pain
  • Reduced range of motion
  • Neck & back stiffness

Treatment of DISH

The doctor will give you the treatment to manage symptoms, and the possible treatment options are:

  • Pain relievers (Tylenol & others)
  • Surgery, in few cases, when the bone grows due to this problem

Consult the best ortho doctor

If you are worried about your bone or joint health, then without delaying a single second consult the best ortho doctor.

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Joints

What are the types of knee braces? How are they different in functionality?

What are the different types of knee braces?

Braces are of great help as they provide support to the knees to prevent from getting a further injury or the pain & swelling will reduce. Their structural framework is designed as per the joint. When you visit the best Orthopaedic Hospital in Ludhiana the doctor will suggest to you what type of brace you have to get or which one will be best suited for your condition. Like, if you have undergone Spine Surgery in Ludhiana then the doctor will let you know which type of brace you need to wear. Let’s talk you through the different types of braces

  • Prophylactic (pro-fa-lack-tick) Knee Braces

Prophylactic knee braces offer functionally to reduce and prevent ligamentous knee injuries. This one is the most common and doctors provide this to the athletes like the ones who play football. This type of braces is best suitable to protect the MCL against extreme knee stresses. By doing so, you are preventing the knee joint from getting injured again. You can talk to the doctor about which option is best for your condition.

  • Functional Knee Braces

Functional knee braces have the functionality to provide support to the knees which are injured due to a fall or while you were playing sports. Moreover, they are the best choice for reducing the rotation after the tear or ACL injury. In case, someone needs additional support following ACL repair surgery then these are suggested. From mild to moderate instability these are the perfect options.

  • Rehabilitative Knee Braces

Rehabilitative knee braces are great to limit the knee from doing any type of harmful movement and it helps the person to feel better after they have undergone the knee surgery or they have faced some kind of injury.

The braces are a great choice to offer protection against the repaired or reconstructed ligament & even make it easier for the knee joint to perform the early motion. So, to protect the knee joint & ligament from recurring injury, this is what is suggested by an ortho doctor.

  • Unloader/Offloader Knee Braces

Unloader/Offloader knee braces are recommended by the ortho doctor to people with knee arthritis and who are diagnosed with knee osteoarthritis. They have the functionality to take away the stress from the problematic joint as all the pressure is put on the thigh bone. These braces are also known by the name of OA knee brace. In case, someone is planning to get knee replacement surgery then this is what the doctor does. Doing so will help to take away the stress from the knees.

Schedule your consultation

If you are diagnosed with any ortho-related problem, then make sure to consult the best ortho doctor. Once your condition is properly evaluated and test results are obtained, the doctor will inform you what is suitable for your condition. In case you have any concern then make sure to talk about the same.