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मानसिक रोग और डिप्रेशन की समस्या से कैसे पाएं छुटकारा ? जाने एक्सपर्ट्स से क्या है उनकी राय

स्ट्रेस और तनाव जैसी परेशानी से आज के समय में हर व्यक्ति गुजर रहा है | यह एक तरह का मानसिक से संबंधित रोग होता है | तनाव के कारण व्यक्ति में  अनेक तरह के मनोविकार उत्पन्न हो जाते है, जिसकी वजह से वह हमेशा अशांत और अस्थिर  रहने लगते है | तनाव से पीड़ित व्यक्ति का मन कभी भी किसी काम में एकाग्र नहीं हो पता, जिसे उसके कार्य पर नकारात्मक प्रभाव डालता है | 

 

हुन्जुन हॉस्पिटल के सीनियर डॉक्टर तरलोचन सिंह ने अपने यूट्यूब चैनल में पोस्ट एक वीडियो के द्वारा इस बात का जाहिर किया की आज के समय में हर शख्स मानसिक रोग और डिप्रेशन की समस्या से पीड़ित है और इसका दर दिन-प्रतिदिन बढ़ते ही जा रहा है | वैसे तो थोड़े मात्रा में तनाव और स्ट्रेस हमारे जीवन का हिस्सा होता है लेकिन जब यह अधिक हो जाये और अनियंत्रित होने लगे तो यह हमारे मस्तिष्क पर काफी बुरा प्रभाव डाल सकता है जिस वजह से अवसाद और मानसिक रोग जैसी  समस्या उत्पन्न हो जाती है |  

 

डिप्रेशन होने के कई कारण हो सकते है, जिनके बारे में विस्तारपूर्वक जानना बेहद ज़रूरी होता है, क्योंकि अगर आपको  इस समस्या के होने कारण का पहले ही पता रहेगा, तो आप इस समस्या का जल्द से जल्द इलाज छुटकारा पा सकेंगे  | इसके लिए आपको अच्छे चिकित्सक के पास जाकर इस समस्या का अच्छे से निरिक्षण करवाना चाहिए | आइये जानते है इसके मुख्य लक्षण कौन से है  :- 

 

  • डिप्रेशन से पीड़ित व्यकति हमेशा उदास रहता है 
  • मरीज़ स्वयं से उलझन और हारा हुआ महसूस करता है 
  • आत्मविश्वास की कमी हो जाती है 
  • किसी भी काम में मन नहीं लगता 
  • मरीज़ को अंदर ही अंदर बेचैन जैसा प्रतीत होता है 
  • मरीज़ को हर समय बुरा होने की आशंका रहती है 
  • मन में हमेशा किसी द्वारा हानि पहुंचाने का डर रहता है 
  • मरीज़ हमेशा चिड़चिड़ा रहता है और किसि से बात नहीं करता 

और भी ऐसे कई लक्षण है जिससे अवसाद की समस्या हो सकती है | 

 

डॉक्टर तरलोचन सिंह ने बताया की इस समस्या से बचाव के लिए मरीज़ को भरपूर पानी का सेवन करना चाहिए, सतुलित भोजन का सेवन करे, कम से कम चिंता और तनाव ले, शरीरक रूप के साथ-साथ मानसिक रूप से भी खुद को आराम दे, धूम्रपानं और शराब जैसी नशीली पदार्थ का सेवन न करे, ज्यादा से ज्यादा समय अपने परिवार के साथ बिताये आदि तरीके से आप डिप्रेशन और मानसिक रोग से मुक्ति पा सकते है | 

 

यदि ऐसा करने से भी स्थिति में कोई सुधार नहीं आ रहा तो बेहतर है कि आप किसी अच्छे चिकित्सक के पास जाकर इस समस्या का अच्छे से इलाज करवाए | इसके लिए आप हुन्जुन हॉस्पिटल से परामर्श भी कर सकते है, यहाँ के डॉक्टर तरलोचन सिंह साइकोलॉजिस्ट में एक्सपर्ट है और इन्हे 12 वर्षो का तज़र्बा है |

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30 की उम्र के बाद महिलाओं में दिखने लग जाती है कैल्शियम की कमी के ये 7 लक्षण, जाने कौन से है यह लक्षण

30 से अधिक उम्र वाली महिलाओं के शरीर में कई तरह के बदलाव दिखने लग जाते है, जिनमे में एक है हड्डियों का कमजोर होना | कैल्शियम एक ऐसा पोषक तत्व है जो दांतों और हड्डियों के लिए बेहद आवश्यक होता है | इस उम्र में कैल्शियम की कमी हो जाती है जिसे कई समस्याएं उत्पन्न हो जाती है | आइये जानते है हड्डियों में कैल्शियम की कमी के 7 ऐसे लक्षण जिसका जानना है बेहद ज़रूरी :- 

 

  1. हड्डियों में दर्द और कमजोरी आना :- कैल्शियम की कमी के बाद हड्डियां काफी कमजोर हो जाती है, जिससे यह हड्डियों में दर्द होने लगता है | यह दर्द ऐसा होता है जो कभी अचानक या धीरे-धीरे होने लगता है | 

 

  1. आसानी से फ्रैक्चर होने की समस्या :- कैल्शियम की कमी से हड्डियां इस हद तक कमजोर हो जाती है इनके आसानी से फ्रैक्चर होने का खतरा भी बढ़ जाता है | हलकी सी चोट से भी यह टूट सकती है | 

 

  1. दांतों से जुड़ी समस्याएं उत्पन्न होना :- जहाँ कैल्शियम हड्डियों के लिए ज़रूरी है वही यह दांतों के लिए भी है | इसकी कमी दांतो में सड़न और मसूड़ों में सूजन जैसी  समस्या उत्पन्न हो जाती है | 

 

  1. मांसपेशियों में ऐंठन आना :- कैल्शियम के कमी से मांसपेशियों में ऐठन और अकड़न होने लगता है,यह समस्या खासकर रात में समय में उत्पन्न होती है | 

 

  1. थकान और सुस्ती महसूस होना :- कैल्शियम मांसपेशियों और नसों में सही काम करने के लिए आवश्यक होता है, क्योंकि इसकी कमी से शरीर में कमजोरी और सुस्ती छाई रहती है | 

 

  1. नाखून में बदलाव आना :- कैल्शियम की कमी से नाखूनों में खून के सफ़ेद धब्बे दिखाई देने लगते है, जिससे यह कमजोर और भंगुर हो जाते है | 

 

  1. हेयर फॉल की समस्या :- कैल्शियम बालों के विकास का भी कार्य करता है, इसकी कमी से हेयर फॉल की समस्या उत्पन्न हो सकती  है |

 

अगर आपको ऊपर बताए गए कोई भी लक्षण दिखाई दे रहा है तो तुरंत डॉक्टर के पास जाकर इस समस्या का इलाज

कराएं | आप हुन्जुन हॉस्पिटल का चयन भी कर सकते हैं यहां के डॉक्टर ऑर्थोपेडिक में एक्सपर्ट है जो आपको इस समस्या से मुक्त करने में सहायता करेंगे |

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कुर्सी में लगातार बैठने से आ गया है कमर और पीठ में दर्द, जानिए जिससे तुरंत मिले आराम

ज्यादा देर बैठने से जब हैमस्ट्रिंग पीठ को पूरे दिन ठीक से नहीं खींच पाता जिसकी वजह से धीरे-धीरे हमारे बैठने, उठने और चलने की प्रक्रिया में  काफी बुरा प्रभाव पड़ने लगता  है | इससे  हमारे मानसिक रूप पर भी काफी बुरा असर पड़ता और मूड स्विंग जैसे स्थिति उत्पन्न हो जाती है |

वर्क लोड होने के कारण कई लोगो को काफी समय तक कुर्सी में बैठकर कंप्यूटर में काम करना पड़ता है | जिसकी वजह से कमर, कंधे, गर्दन और पीठ में तीव्र पीड़ा उत्पन हो जाती है | कई लोगो को वजन बढ़ने या फिर पॉस्चर बिगड़ने से भी कमर और पीठ में दर्द जैसे समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है | |इस समस्या को कम करने के लिए बताए गए एक्सरसाइज का उपयोग कर सकते है |

पहली एक्सरसाइज :- इस एक्सरसाइज के अभ्यास के लिए पहले आप कुर्सी पर आगे के हिस्से में किनारे पर बैठ जाएं, फिर पीठ सीधी करके एकदम तनकर बैठें। अब सामने की तरफ देखते हुए अपने पैरों को मोड़ें और धीरे-धीरे पेट के पास ले आएं।

दूसरी एक्सरसाइज :- इस एक्सरसाइज में चेस्ट को स्ट्रेच करते हुए पैरों की तरफ ऊपर को उठाएं, फिर पैरों को हवा में रखकर 1-5 तक की गिनती करें।जिन लोगों को यह एक्सरसाइज ऐसे करने में असुविधा महसूस हो वह अभ्यास के समय कुर्सी पर पीठ टिकाकर एक्सरसाइज कर सकते हैं।

अगर इसके बावजूद भी कोई सुधार नहीं आ रहा तोह बेहतर यही है की आप एक्सपर्ट्स से राय ले | अगर इस समस्या का सही इलाज करवाना चाहते हो तो आप हुन्जुन हॉस्पिटल का चयन का सकते है | इस संस्था के पास ओर्थपेडीक एक्सपर्ट्स डॉक्टर्स की बेहतरीन टीम है |

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Orthopaedic Surgery

Difference Between Orthopedic Surgery and Non-Surgery Treatment

Orthopedics is the broad-based medical and surgical speciality dedicated to preventing and treating diseases and injuries of the musculoskeletal system (a human body component that gives us movement, steadiness, form, and support)and diagnosing. Orthopedic conditions, such as arthritis and bursitis, affect the musculoskeletal system. They can cause dysfunction and pain, making even normal daily activities difficult. If you feel joint pain or other bone problems, visit the best ortho hospital Ludhiana; they have orthopedics and non-surgical treatments. 

 

What Is Orthopedic Surgery?

Orthopedic surgery is a procedure on the musculoskeletal system. Orthopedic surgery deals with congenital and acquired disorders, acute injuries, and chronic arthritic or overuse conditions of the bones, including ligaments, nerves and muscles, joints and their associated soft tissues. Orthopedic care reduces or eliminates an injury or condition that causes pain. One of the most common reasons for chronic pain is osteoarthritis. Please book an appointment with the best ortho doctor in India; they can diagnose and recommend an effective treatment plan.

  

What Are Non-Surgical Treatments?   

Non-surgical procedures can be grouped into five broad classes: first is physical examination (propaedeutic procedures) tests, x-rays and scans (diagnostic procedures) treatment to repair the effects of injury, disease or malfunctions, including medicines, physical and radiation therapies (therapeutic procedures). Non-surgical procedures are less risky because they do not require incisions or anesthesia. However, certain non-surgical treatments can have specific side effects, including swelling, redness, or bruising in the areas treated. These issues go away quickly. 

 

Preparing For Surgical Or Non-Surgical Treatments: 

  • Do Exercise: Exercise slows the rate of bone loss and preserves bone tissue, reducing the risk of fractures. Exercise helps reduce the risk of falls. Excessively vigorous exercise can increase the fracture risk, so see an exercise physiologist or physiotherapist for expert advice.
  • Maintain Healthy Weight: Weight-bearing activities that stress bones reduce the risk of osteoporosis (that can increase the risk of fractures), and strength training can increase bone density. Strength training can help with weight loss management and increase metabolism to help burn more calories.
  • Choose The Right Surgeon: Orthopedic doctors also offer extensive services to help you maintain health and well-being. These services include exercise programs, physical therapy, and advice on healthy lifestyle changes such as weight and diet management.
  • Follow Diet: Eat green vegetables, cheese, plant-based drinks, soya beans and nuts because they are rich in calcium, and calcium is good for strong bones.

 

Conclusion: 

Orthopedic disorders can be treated surgically and non-surgically using medications, physical therapies, exercises, alternative therapies, or a variety of surgical techniques. Some surgical approaches to treating orthopedic disorders are non-interventional. If you have injuries and other bone problems that make it difficult for you to do your daily activities, then you should visit the best Ortho Hospital in Ludhiana, where they will provide the best treatment.

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Orthopaedic Surgery

क्या सर्जरी से हो सकता है हड्डियों के टेढ़ेपन का इलाज ? जानिए क्या है एक्सपर्ट्स की राय

हड्डियों के टेढ़ेपन से जूझ रहे व्यक्ति अक्सर स्पाइनल कॉर्ड में होने वाले सर्जरी से परेशान रहते है | लेकिन मिनिमल इनवेसिव स्पाइनल सर्जरी ही एकलौता ऐसा सर्जरी है, जिसकी सहयता से हड्डियों के टेढ़ेपन जैसी समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है | मिनिल इनवेसिव टेक्नोलॉजी की जानकारी बहुत कम लोगों के पास  है, जिसके चलते कई लोग अपना इलाज करवाने से भी डरते है | 

कन्वेशल स्पाइन सर्जरी के मुकाबले में एम आई एस एस तकनीक से हुई सर्जरी ज्यादा लाभ देती है | इस तकनीक की सहायता से स्पाइनल कॉर्ड की सर्जरी के साथ-साथ वर्टिब्रल सर्जरी करना भी शामिल है | मिनिमल इनवेसिव स्पाइनल सर्जरी का सक्सेस रेट करीब 90 प्रतिशत है | 

हुन्जुन हॉस्पिटल के चेयरमैन डॉक्टर बलवंत सिंह हुन्जुन जो की ऑर्थोपेडिक के एक्सपर्ट है, उन्होंने ने बताया की कैसे इस तकनीक की सहायता से हड्डियों के टेढ़ेपन से छुटकारा पाया जा सकता है | आइये जानते है क्या है  एक्सपर्ट्स की राय 

क्या है  मिनिमल इनवेसिव स्पाइनल सर्जरी ? 

डॉक्टर बलवंत सिंह हुन्जुन के अनुसार कन्वेशल स्पाइन सर्जरी की तुलना में  मिनिमल इनवेसिव स्पाइनल सर्जरी ज्यादा सुरक्षित रहती है और हड्डियों को ठीक में होने ज़्यादा समय भी नहीं लगता | इस सर्जरी के बाद किसी भी तरह के परेशानी के उत्पन होने का खतरा भी बहुत कम होता है | 

मिनिमल इनवेसिव स्पाइनल सर्जरी के दौरान सर्जन अनुक्रमत्व विस्तार द्वारा मरीज़ के पीठ की मासपेशियों के जरिये एक नली बनता है, जिससे कोशिका नष्ट हो जाती है और दर्द भी कम होता है | लेकिन कन्वेशल स्पाइन सर्जरी में मरीज़ के वर्टिब्रे टुकड़े की मासपेशियां को ही निकल दिया जाता है | 

मिनिमल इनवेसिव स्पाइनल सर्जरी के ऑपरेशन के बाद आये निशान बहुत काम होते है या फिर एक माप से भी  छोटे होते है, वही इससे विपरीत कन्वेशल स्पाइन सर्जरी के ऑपरेशन के बाद काफी बड़ा निशान रह जाता है | 

मिनिमल इनवेसिव स्पाइनल सर्जरी की किया जाता है हड्डियों के टेढ़ेपन का इलाज 

एम आई एस एस  हड्डियों के टेढ़ेपन से झूझ रहे हर मरीज़ के लिए पूर्ण नहीं होता | इस सर्जरी को व्यक्तिगत के अनुसार ही मूल्याकंत किया जाता है और मरीज़ को परामर्श दिया जाता है | यदि डॉक्टर ने मरीज़ को पीढ़ी दर पीढ़ी होने वाले इस समस्या की  खुली धारणा का प्रमाण दे दिया है तो इसका मतलब यह नहीं की इस समस्या को ठीक होने में बहुत लम्बा समय लगेगा या फिर बहुत कष्टदाय होगा | इससे लिए मरीज़ को इस उप्लाब्दों के बारे में खुद को शिक्षिक करना चाहिए ताकि वह मरीज़ डॉक्टर के साथ अपने विकल्पों पर विचार विमर्श कर सके और स्वंय के सही विकल्पों का चुनाव कर सके | 

एम आई एस एस लाभ क्या है ?  

कन्वेशल स्पाइन सर्जरी के मुकाबले एम आई एस एस के ज्यादा लाभ है | 

  • सर्जरी के बाद किसी भी प्रकार की कमजोरी का न आना 
  • समस्या से जल्दी से ठीक हो जाना  
  • हॉस्पिटल में ज्यादा दिन तक भर्ती न रहना 
  • रोग मुक्त हो जाना 
  • ऑपरेशन के बाद न्यूमतन निशान का रहना 
  • ऑपरेशन के बाद संक्रमण या फिर कोई भी दुष्प्रभाव ना होना 
  • कम से कम कोशिकाएं का नष्ट होना, जिसे दर्द भी बहुत कम होता है 
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Benefits of Physical Therapy After Orthopaedic Surgery

Every time someone goes for an orthopedic surgery, you will notice reduced mobility in their body. If we look at the older treatment methods under orthopedic surgeries, the recovery time used to be extensive, but nowadays, the surgeries have become more efficient and reduced complications.

Also, physical therapy has been added to the list after orthopedic Surgery.

Still, most people believe that physical therapy is not essential. If you also think the same, this post is for you, as here we will help you understand the benefits of physical therapy.

How Physical Therapy Helps After Orthopaedic Surgery?

There are several ways physiotherapy helps a person after orthopedic Surgery, let us have a look at some of them:

The first and most significant reason physical therapy is prescribed to a patient after their orthopedic Surgery is to enhance the person’s mobility. With the help of physical therapy, the person can move their body more effortlessly and live an everyday life easily.

Every time someone goes for orthopedic Surgery, they face many pain-related issues. So the second reason that makes physical therapy important after orthopedic Surgery is it helps with pain management issues.

Following all the movements made during physiotherapy could eliminate any development linked with blood clots. However, it is said that if you sit or keep your body in one position for a long time, blood clots usually form, and in severe cases, it can lead to blockage issues.

Most people are unaware of this fact, but because of the trauma of the Surgery, your tissues and muscles weaken. Hence if you want to strengthen them back, then physiotherapy is important.

Even if the patient thinks he is completely fine and doesn’t want to go for physiotherapy, they should also look for therapy, as their body would be able to get more strength to do the work.

With the help of physiotherapy, the patient could get more confidence about his body and movements. Hence if you are someone whose Surgery is completely cured, but you cannot walk or do movements properly then physical therapy is the right option for you.

Do we need Physical Therapy after every Orthopaedic Surgery?

Physical therapy is suggested after almost every Orthopaedic Surgery because with the help of physiotherapy, you can get the motion of your body back, and it also helps with pain relief.

Let us have a look at the list of orthopedic surgeries after which you need physical therapy:

Shoulder Replacement Surgery
Hip or Knee Joint Replacement Surgery
Spinal Surgery
Ankle or Elbow Reconstruction
Rotator Cuff Repairs

There are many more such orthopedic surgeries after which physical therapy is essential.

Conclusion:

If you are looking for the best Orthopaedic hospital in Ludhiana, then Hunjan Hospital is the best option, as they have the best Orthopaedic Surgeon in India

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What is the definition of spinal surgery?

In this era, people do not follow proper diet due to which they are suffering from different health related issues and poor posture and unhealthy diet plans cause issues related to the spine. The spinal issues are mostly treated with surgery only. 

 

What are the spinal problems? 

Spinal problems are very common. The Spinal problems are generated inside and outside of the spinal cord. The reason for the outer damage is compression and injury. It is compressed because of bone fracture, spinal degeneration and abnormalities. The hematoma, tumor, and herniated disc are also a reason for the spinal cord weakening. The minor problems can be corrected by the best Orthopaedic Surgeon In India. 

 

What is the definition of spinal surgery? 

Spinal fusion is a surgery that connects two or more vertebrae in your spine. These ring-shaped bones form an interlocking column that holds your body upright. Fusing them together can reinforce your back’s structure. There is more than one type of surgeon that specializes in spinal fusion surgery. Neurosurgeons and orthopedic surgeons can do them, depending on the underlying condition and your specific needs. There are different types of Spinal surgery. 

 

Types of spinal surgery

  • Discectomy: This procedure removes the herniated portion of a disc. It is helpful for removing the tissue and damaging part of the disc.
  • Laminectomy: This procedure removes bone at the back of the spine to make more room for the spinal cord and nerves.
  • Fusion: Spinal fusion removes the arthritic joints and often uses metal implants to help permanently connect two or more bones in the spine.
  • Artificial discs: These devices are made of plastic and metal. They can replace the damaged cushion between two spinal bones. 

 

Right ways to do exercise after spinal surgery. 

There are different ways to do exercise after spinal surgery. 

  • Walking Exercise Program: Walking is one of the first physical therapy exercises to help improve your healing, which you must start doing the day after your surgery. A good starting point is walking at least 20 to 30 minutes on a treadmill or outdoors. 
  • Ankle Pumps: Ankle pumps are a type of nerve stretch that helps improve blood flow to your heart using your calves. To do this exercise, lie flat on your back. Then, move your ankles up and down. Repeat this exercise at least ten times.
  • Heel Slides: Heel slides are another nerve stretch to help rehabilitate your body after surgery. Lie down on your back and slowly bend your knee. Then, straighten out your knee. Repeat the exercise 10 times.
  • Superman: The Superman exercise will help correct your posture, specifically posterior pelvic tilt when you rotate your pelvis backward. Start by lying on your stomach in a neutral position with arms outstretched in front of you. 
  • Straight Leg Raises: Straight Leg raises are one of the most effective core exercises for back pain. Lie down on your back with one Leg bent at the knee and the other stretched out in front. Keep your core tight. 

 

The whole posture of the human body is dependent on the spinal cord. Spine injuries become very common. Most spinal injuries can only be treated with surgeries that the best surgeons perform. If you are suffering from spinal problems, contact the best Orthopaedic Hospital in Ludhiana, Hunjan Hospital. 

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Tips To Take Care Of Synthetic & Plaster Cast

Accidents can happen anytime. Sometimes, The impact of the accident is minor; however, when it is a major impact, it can cause damage to your bones or joints, resulting in extreme pain. When the bone or joint gets damaged, the pain becomes unbearable, and a person requires a cast to allow the bones to get back to their position and heal. 

 

In this video, you will learn about the tips you need to know to take care of your synthetic & plaster cast. At Hunjan Hospital, you get the top standard treatment for all your orthopaedic disorders. Orthopaedic disorders are the conditions associated with your musculoskeletal systems, which include your muscles, bones and joints. The damage to any part of the musculoskeletal system can cause extreme pain and discomfort. Therefore, our facility offers the right type of treatment and care to heal your condition as soon as possible.  

The doctors at Hunjan Hospital recommend avoiding putting pressure or weight on the plaster cast and keeping it dry and clean. To keep the plaster cast dry, especially while taking a bath or a shower, you can cover the cast with a plastic sheet or bag. Also it is essential to not put anything inside the cast, which means not even trying to put a moisturiser or lotion under that area and avoid scratching your ast covered body part to prevent infections.

If you are examining any orthopaedic disorder, contact Hunjan Hospital today to receive the utmost treatment and extreme care to ensure that you are fit and fine.

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Spine Surgery

All You Need To Know About Lumbar Decompression Surgery

The issues in the spine can cause problems and pain; because of it, normal body movements can be painful, and even the range of motion can decrease. Thus, it becomes essential to treat such spinal issues. One of the surgeries that helps improve spine health is Lumbar Decompression. In this video, lumbar decompression is explained in detail. 

 

Lumbar decompression can help in numerous ways, such as sciatica pain, degenerative disc, spinal stenosis, pinching of nerves and herniated disc. Different types of surgeries are used in this, such as Laminectomy, Discectomy, and Spinal Fusion. These surgeries will be recommended by the doctor depending on the patient’s particular condition and type of problem. 

The recovery procedure after the surgery is not much and takes only about 3 to 4 days in the hospital after the surgery. Following this, you can go home, but bed rest for 1 to 2 weeks is advised; during this time, you can do light walking. Complete healing may take from 6 to 12 weeks. 

Lumbar Decompression surgery is generally needed when medicines and non-surgical treatments are not working, and the pain is severe and continuous. In such cases, doctors recommend Lumbar Decompression surgery. 

If you have any spine-related issues or concerns, visit Hunjan Hospital, the best spine hospital in Ludhiana. Book your appointment today!

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Knee replacement

Hunjan Hospital Patient’s Success Story: Robotic Knee Replacement Surgery.

People suffer from knee pain and may have to undergo knee replacement surgery if necessary. For this, we chose Hunjan Hospital as it is one of the best knee hospitals in India. Hear from our patient yourself. In this video, our patient, who is in America, returns to explain her experience with Hunjan Hospital. 

Our patient had a successful robotic knee replacement surgery. She was unable to walk or stand for the past 3 years. It became very difficult for her to manage. She consulted other hospitals but did not like their method or treatment suggested. Finally, she came to Hunjan Hospital for treatment. The doctor treated her and guided her very well about the procedure and the surgery. She then decided to go for robotic knee replacement surgery at Hunjan Hospital. 

 

Her experience was amazing as it was a painless experience for her and after the surgery she was able to walk again. She was very happy with the doctor and the staff. She also recommends others suffering from knee problems get treatment from Hunjan Hospital. 

You can also join our list of happy customers. Say goodbye to your knee problems and get effective and reliable treatment from Hunjan Hospital. Call or visit our hospital now for a pain-free and healthy life.